मधुमेह के लिए योगासन

मधुमेह के लिए योगासन | Yoga for Diabetes in Hindi

यदि आप मधुमेह (Diabetes) की बीमारी से ग्रस्त है तो उसके अनेक कारण हो सकते हैं जैसे कि सही समय पर व्यायाम न करना, गलत भोजन करना और आजकल की तनावग्रस्त आधुनिक जीवनशैली इस समस्या को और अधिक जटिल कर देती है| इस समस्या का निवारण करने हेतु आपको आधुनिक चिकित्सा के साथ-साथ अपने जीवन शैली में परिवर्तन लाना भी अति आव्यशक है| इस आधुनिक समाज में जहाँ जीवन निरंतर चलायमान है, अपने जीवन शैली में परिवर्तन लाना थोड़ा मुश्किल हो सकता है| मधुमेह की समस्या को पूर्णतः ठीक करने के लिए अपनी जीवन शैली में योगासन, प्राणायाम व ध्यान को जोड़ना एक सही कदम है| निमिन्लिखित योग क्रियाओं को अपने जीवन शैली का हिस्सा बनाएँ और मधुमेह का सामना करे|

अच्छे परिणाम प्राप्त करने हेतु आपको योग को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाना होगा| इसके लिए आपको निरंतर अनुशासन में रहना होगा| आप यह योगासन सुबह अथवा शाम, जो भी समय आपको ठीक लगता है, उस समय कर सकते हैं| जो भी समय आपने अपने योगासन करने के लिए निर्धारित किया हैं, उसके प्रति अनुशासित रहे |आप कुछ ही समय में बहुत अच्छे परिणाम देखेंगे|

मधुमेह को नियंत्रित करने के लिए निमिन्लिखित योगासन करें:

  1. कपालभाति प्राणायाम |Kapal Bhati Pranayam)
  2. सुप्त मत्स्येन्द्रासन | Supta Matsyendrasana
  3. धनुरासन |Dhanurasana
  4. पश्चिमोत्तानासन | Paschimottanasana
  5. अर्धमत्स्येन्द्रासन | Ardhya Matsyendrasana
  6. शवासन | Shavasana

 

1. कपालभाति प्राणायाम

कपालभाति प्राणायाम आपके तंत्र तंत्रिकाओं और मस्तिष्क की नसों को ऊर्जा प्रदान करता हैं| यह प्राणायाम मधुमेह के मरीजों के लिए बहुत अच्छा हैं क्योंकि यह पेट की मासपेशियों को सक्रिय करता हैं| यह प्राणायाम रक्त परिसंचरण को सुधरता हैं व मन को भी शांति प्रदान करता हैं|

2. सुप्त मत्स्येन्द्रासन

सुप्त मत्सेन्द्रयासन शरीर के अंदरूनी अंगो की मसाज करता हैं व पाचन क्रिया में सहायता करता हैं| यह आसन पेट के अंगो को सक्रीय करता है और मधुमेह के मरीजों के लिए बहुत अच्छा होता है|

3. धनुरासन

यह आसन अग्न्याशय (pancreas) को सक्रिय करता है और मधुमेह के मरीजों के लिए अत्यधिक लाभदायक है| यह योगासन पेट के अंगो को मज़बूत बनाता है और तनाव से मुक्ति देता है|

4.पश्चिमोत्तानासन

यह आसन पेट व श्रोणि के अंगो को सक्रिय करता है जो कि मधुमेह के मरीजों के लिए बहुत लाभदायक है| पश्चिमोत्तानासन शरीर में प्राण ऊर्जा को बढ़ाता है और मन को शांति प्रदान करता है|

5. अर्धमत्स्येन्द्रासन

यह आसन पेट के अंगो की मसाज करता है व फेफेड़ों में ऑक्सीजन की मात्रा को बढ़ाता है| अर्धमत्स्येन्द्रासन रीढ़ की हड्डी को भी मज़बूत बनाता है| इस योगासन को करने से मन शांत होता है व रीढ़ की हड्डी के हिस्से में रक्त संचालित हों जाता है|

6. शवासन

शवासन पूरे शरीर को विश्राम देता है| यह आसन व्यक्ति को गहरे ध्यान की अवस्था में ले जाता है जिससे मन शांत व नवीन ऊर्जा से परिपूर्ण हों जाता है|

मधुमेह को गहराई से समझने के लिए “मुक्त मूलकों” (free radicals) के बारे में जानना बहुत आवशयक है| ‘मुक्त मूलक’ अणु तत्त्व होते हे जो नेगेटिव चार्ज रहते है और जो हमारे वातावरण में कुछ समय के लिए (नैनो सेकंड) मौजूद होते हैं| अपने ऊपर नेगेटिव चार्ज होने के करण यह जल्दी से जल्दी अपना निराकरण (neutralization) करवाना चाहते हैं| हमारा शरीर जीवाणुओंसे से लड़ने के लिए इन ‘मुक्त मूलकों’ का सहारा लेता है| शरीर में ‘मुक्त मूलकों’ का निवाकरण होना आव्यशक है और उसके लिए हमारा शरीर ऑक्सीकरण रोधी तत्वों (antioxidants) की सहायता लेता है| हमारे शरीर में तीन ऑक्सीकरण रोधी तत्त्व- ग्लूटाथिओन, कैटालासे और सुपर ऑक्साइड डिसम्युतासे (S.O.D) होना बहुत आवशयक होता है| यह ऑक्सीकरण रोधी तत्व्  विटामिन-सी, विटामिन-इ, व कुछ मिनरल द्वारा प्राप्त किए जा सकते हैं|

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