गर्मी के दिनों में कौन सा योग करना चाहिए और कौन सा नहीं ?

हम रोजाना सुबह अपने शहर में योग कक्षाऐं लेते है और हमें कई लोग पूछते है की गर्मी के दिनों में कौन सा योग करना चाहिए और कौन सा योग नहीं करना चाहिए ?

हर वर्ष गर्मी के दिनों में तापमान का पारा बढ़ता ही जा रहा हैं। वह दिन दूर नहीं जब भारत के कई शहरों में गर्मी का पारा 50 डिग्री भी पार कर लेगा।

गर्मी में तापमान बढ़ने का प्रतिकूल प्रमाण हमारे शरीर पर पड़ता हैं। गर्मी से राहत पाने के लिए और शरीर को ठंडा रखें के लिए हम कई तरह की कोशिशे करते हैं। ऐसे कई योगासन और प्राणायाम है जो गर्मी से शरीर पर होने वाले दुष्परिणाम जैसे की सिरदर्द, जी मचलाना, लू लगना, पेट ख़राब होना और कमजोरी इत्यादि समस्याओं से आराम देते हैं।

योगासन और प्राणायाम की सहायता से हम शरीर के तापमान को नियंत्रित कर सकते हैं। गर्मी में कौन से योग करना चाहिए और कौन से नहीं इसकी जानकारी नीचे दी गयी हैं :

गर्मी में कौन सा योग करना चाहिए ?

शीतली प्राणायाम : शीतली प्राणायाम करने से शरीर ठंडा रहता हैं। इस प्राणायाम के करने से शारीरिक और मानसिक शांति का लाभ होता हैं। तनाव, डिप्रेशन, लू, अपचन, पित्त रोग, एसिडिटी, आँखों और हॉर्मोन्स की समस्या में यह लाभकारी हैं। जिन लोगों को खांसी, टॉन्सिल्स, कम ब्लड प्रेशर या कब्ज की शिकायत है वह डॉक्टर की सलाह लेकर ही शीतली प्राणायाम करे।

शीतकारी प्राणायाम : यह योग शारीरिक गर्मी को कम करता हैं और मानसिक उत्तेजना को नियंत्रित करने में उपयोगी हैं। एसिडिटी, ह्रदय रोग, पाचन की समस्या और भूक / प्यास को नियंत्रित करता हैं। इस रात्रि में सोने से पहले करने से अच्छी नींद आती हैं।

भ्रामरी प्राणायाम : मानसिक समस्या जैसे की क्रोध, भय, चिंता, तनाव और अनिद्रा से राहत पाने के लिए भ्रामरी प्राणायाम जरूर करे। इस योग से शरीर को ठंडक मिलती हैं। स्मरणशक्ति को तेज करने के साथ-साथ हाई ब्लड प्रेशर को कण्ट्रोल करने में भी मदद मिलती हैं।

अनुलोम विलोम प्राणायाम : अनुलोम विलोम प्राणायाम करने से शरीर को ठंडक और सुकून प्राप्त होता हैं। फेफड़े मजबूत होते हैं, मानसिक शांति रहती हैं, धड़कन की गति नियंत्रित रहती हैं और आत्मविश्वास में वृद्धि होती हैं।

हलासन योग : सुबह खाली पेट हलासन करने से पेट और पाचन संबंधी समस्या से राहत मिलती हैं। एसिडिटी, गैस, कब्ज, डायबिटीज, मधुमेह, सिरदर्द, बवासीर और थाइरोइड के रोगी के लिए यह उपयोगी योग हैं। गर्दन दर्द, कमर दर्द, हाई ब्लड प्रेशर और गर्भवती महिलाए यह योग न करे।

नौकासन योग : गर्मी में सुस्ती और आलस अधिक रहता हैं, ऐसे में सुस्ती को दूर भगाना है और दिनभर एक्टिव रहना है तो आपने नौकासन जरूर अभ्यास करना चाहिए। बढे हुए पेट और मोटापे को कम करने के लिए नौकासन उपयोगी हैं। नौकासन करने से पेट के स्नायु मजबूत रहते हैं।

वज्रासन योग : यह केवल एक ही ऐसा योग है जो आप खाना खाने के बाद कर सकते हैं। गर्मी के दिनों में हमारी पाचन शक्ति कमजोर होती हैं और ऐसे में खाना खाने के बाद वज्रासन करने से खाना अच्छे से पचता हैं। अपचन, कब्ज, गैस, शारीरिक कमजोरी को दूर करने में यह योग उपयोगी हैं।

सूर्यनमस्कार योग : सूर्य भगवन से ज्ञान और ऊर्जा पाने के लिए सुबह सूर्यनमस्कार जरूर करे। इस आसान से सम्पूर्ण शरीर का बढ़िया व्यायाम होता हैं। शरीर को मजबूत बनाने के साथ-साथ मानसिक शांति प्राप्त करने में यह योगासन बेहद उपयोगी हैं।

योगमुद्रासन : अपचन, गैस, कब्ज जैसी पाचन संबंधी समस्या से छुटकारा पाने के लिए योगमुद्रासन जरूर करे। Pancreas में Insulin का secretion बढ़ाने के लिए भी यह उपयोगी है और इसलिए हर डायबिटीज के रोगी ने योगमुद्रासन योग अवश्य करना चाहिए।

शवासन योग : शारीरिक थकान और मानसिक तनाव को कम करने के लिए शवासन जरूर करे। यह शरीर को ठंडक पहुंचाता है और मस्तिष्क की कार्यक्षमता को बढ़ाता हैं।

गर्मी के दिनों में कौन सा योग नहीं करना चाहिए ?

गर्मी के दिनों में आपको नीचे दिए हुए योग कम करना चाहिए क्योंकि यह अधिक करने से आपको नुकसान पहुंच सकता हैं।

•कपालभाति

•उज्जयी प्राणायाम

•भस्त्रिका प्राणायाम

•सिंहासन

•शिवलिंग हस्त मुद्रा

बाकि सभी योग आप रोजाना कर सकते हैं।

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