योग के माध्यम से अस्थमा पर नियंत्रण – साधक अंशित

कोई भी व्यक्ति जो अस्थमा जैसी हानिकारिक बीमारी से ग्रसित है, जीवन में बहुत सी चीज़ों का आनंद नहीं ले पाता। अस्थमा के अधिकांश रोगी इस बीमारी से निपटने के लिए अनेक नुस्खें अपनाते हैं लेकिन एक सरल उपाय का इस्तेमाल करना हमेशा भूल जाते हैं– वह उपाय है योग। हां, योग की प्राचीन कला वास्तव में आपके श्वास की समस्या का सबसे अच्छा समाधान है।

एक स्थानीय साधक अंशित पाठ्यक्रम में कुछ घंटों के योग सीखने के बाद आपको आसनों के साथ सज्जित किया जाएगा जिससे अस्थमा के प्रभाव को कम करने में मदद  मिलेगी और स्थायी रूप से इलाज करने में भी मदद होगी।

अस्थमा को दूर करने में सहायक आसन और प्राणायाम को जानें 

१ . नाड़ी शोधन प्राणायाम 

अपने मन और शरीर को तनावमुक्त करने के लिए इस प्राणायाम से शुरुआत करें। इस सांस लेने की तकनीक के द्वारा कई श्वसन और परिसंचरण संबंधी समस्याओं का समाधान मिल जाता है।

२ . कपाल भाती प्राणायाम 

यह साँस लेने की तकनीक मन को शांत करती है और तंत्रिका तंत्र को सक्रिय करती है। यह सभी नाड़ियों (ऊर्जा चैनल) को भी साफ करता है और रक्त परिसंचरण में सुधार करता है।

३ . अर्ध मत्स्येंद्रासन 

अर्ध मत्स्येंद्रासन(अर्ध मेरुदंड मरोड़ आसन) छाती को खोलता है और फेफड़ों में ऑक्सीजन की आपूर्ति को सुधारता है, जिससे आपको अस्थमा की संभावना कम हो जाती है।

४ . पवनमुक्तासन 

अस्थमा के रोगियों के लिए यह योगासन अच्छा है क्योंकि यह उदर के अंगों की मालिश करता है और पाचन में और गैस के निर्गमन में मदद करता है।

५ . सेतुबंधासन 

सेतुमुद्रा छाती और फेफड़ों को खोलता है और थायरॉयड की समस्या को कम करता है। यह भी पाचन में सुधार लाता है और अस्थमा के रोगियों के लिए बहुत प्रभावी है।

६ . भुजंगासन 

 भुजंगासन (कोबरा मुद्रा) छाती का विस्तार करती है, रक्त परिसंचरण में सुधार करती है और अस्थमा के रोगियों के लिए बहुत लाभदायक है।

७ . अधोमुख श्वानासन 

यह मुद्रा मन को शांत करने में मदद करता है, तनाव से राहत देता है और अस्थमा और साइनेसाइटिस से पीड़ित लोगों के लिए अच्छा है।

८ . तितली आसन  

तितली आसन रक्त परिसंचरण को उत्तेजित करता है और उसमें सुधार करता है, थकान से राहत देता है और अस्थमा पर चिकित्सीय प्रभाव ड़ालता है।

९ . पूर्वोत्तानासन 

ऊपर की ओर तख्त के सदृश्य मुद्रा श्वसन प्रणाली में सुधार लाता है, थायरॉइड ग्रंथि को उत्तेजित करता है और कलाई, भुजाओं, पीठ और मेरुदंड को मजबूत करता है।

१० . श्वासन 

श्वासन में कुछ मिनट लेटकर अपना योग अभ्यास समाप्त करें। यह मुद्रा शरीर को ध्यान अवस्था में लाती है, आप को पुनर्जीवित करती है और चिंता और मानसिक दबाव को कम करने में भी मदद करती है। एक शांत और तनावमुक्त शरीर और मानसिकता अस्थमा से निपटने का सही तरीका है।

15-20 मिनट के लिए इन आसनों का दैनिक अभ्यास अस्थमा के दौरे की संभावनाओं को काफी कम करेगा और आपको इससे छुटकारा पाने में भी मदद मिलेगी। कुछ मिनटों के ध्यान के अभ्यास से आपके अनुभव में भी वृद्धि होगी और आपके मन को शांत करने में मदद मिलेगी। आप आर्ट ऑफ़ लिविंग हप्पीनैस प्रोग्राम के दौरान योग और ध्यान के लाभों का अनुभव कर सकते हैं।

अस्थमा पर आपका नियंत्रण आपको यह चुनाव करने देता है कि आप अपने जीवन को कितना आनंदपूर्वक जीते हैं। योग की एक शक्तिशाली ढाल के साथ, आप संपूर्णता के साथ जीवन का अनुभव कर सकते हैं और निश्चिंत रह ​​सकते हैं। योग से आप अपनी क्षमताओं को बढ़ा सकते हैं और अपनी जिंदगी को भरपूर जी सकते हैं।

योग अभ्यास शरीर और मन को विकसित करने में मदद करता है जिससे बहुत से स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं, फिर भी यह दवा का विकल्प नहीं है। यह अति महत्वपूर्ण है कि आप एक प्रशिक्षित योग प्रशिक्षक के निरीक्षण में योग आसनों को सीखें और उनका अभ्यास करें। 

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s

%d bloggers like this:
search previous next tag category expand menu location phone mail time cart zoom edit close