ये 8 प्राणायाम सुबह-सुबह जरूर करें – साधक अंशित

आजकल की भाग दौड़ और तनाव से भरी जिंदगी ने शरीर को अस्वस्थ कर दिया है। दिमाग में भी अशांति, चिंता, भय, शोक और इर्ष्या ने घर कर लिया है। जैसा की हम सभी जानते है की मानसिक तनाव और विचारो को काबू में करने के लिए व्यायाम बेहद आव्यशक है। व्यायाम करने से हमारे शरीर को ताकत मिलती हैं। मानसिक तनाव और विचारो को काबू में करने के लिए योग मदद करता है।

योग के जरिये दिमागी कसरत होती है जिससे स्वास्थ्य को कई लाभ मिलते है। यहाँ तक की इससे हमारा वजन भी कम होता है। मन को शांति पहुँचाने के लिए योग और प्राणायाम से बेहतर कोई विकल्प नहीं है। इससे हमारे मन को शांति मिलती है। इससे शरीर भी सुन्दर और चुस्त-दुरुस्त बनता है।

प्राणायाम, प्राण और आयाम से मिलकर बना होता है। इस शब्द का तात्पर्य है शरीर में ऊर्जा लाने वाली शक्ति देना। यह एक ऐसी विधि है, जिसमें सांस को एक विशेष प्रकार से अंदर खींचा जाता है और बाहर छोड़ा जाता है।

प्राणायाम योग के आठ अंगो में से चौथा अंग है। प्राणायाम कई तरह के होते हैं जैसे गर्मियों में इन 8 प्राणायामों के नित्य प्रतिदिन अभ्यास करने से कई  प्रकार के रोगों से मिलेगी मुक्ति, ये प्राणायाम है:  बाह्य प्राणायाम, अनुलोम विलोम प्राणायाम, कपालभाती प्राणायाम, भ्रामरी प्राणायाम, शीतली प्राणायाम , शीतकारी प्राणायाम, उद्गीथ प्राणायाम, चन्द्रभेदी प्राणायाम   और इन सब प्राणायाम को करने की अलग-अलग विधि होती है। इसके करने से कई शारीरिक स्वास्थ्य लाभ प्राप्त होते है।  

जानिए प्राणायाम के स्वास्थ्य लाभ 

वजन घटाए 

जो लोग अपना वजन कम करना चाहते है या छरहरा शरीर चाहते है उनके लिए प्राणायाम बेहद फायदेमंद है| इसे करने से बाहर निकला हुआ पेट अंदर हो जाता है और वजन भी कम करने में मदद मिलती हैं। प्राणायाम को नियमित तौर पर करने से आपको अपने वजन में फर्क ज़रूर दिखेगा|

मानसिक एकाग्रता बढ़ाये

कॉलेज में पढाई करने वाले युवक, युवतियों को प्राणायाम जरूर करना चाहिए, अपने दिमाग को तेज करने और मानसिक एकाग्रता को बढ़ाने के लिए प्राणायाम करें। इससे मानसिक तनाव झेलने में भी मदद मिलती है।

विषैले तत्वों को बाहर निकाले

प्राणायाम डिटॉक्‍सीफिकेशन में मदद करता है। यह एक ऐसी प्रोसेस है जिसके माध्‍यम से हम शरीर से कई विषैले तत्वों को बाहर निकाल सकते है। इसे नियमित रूप से करने से शरीर में डिटॉक्‍सीफिकेशन की प्रक्रिया होती है। यह सभी उम्र के लोगों के लिए फायदेमंद होता है।

ह्दय स्वास्थ्य के लिए बेहतर

जैसे की अनुलोम विलोम और भास्त्रिका आदि करने से ह्दय संबंधी समस्याओं में फायदा पहुचता है। दिल की अच्छी सेहत के लिए प्राणायाम फायदेमंद है। इससे शरीर में ब्‍लड़ सर्कुलेशन भी अच्‍छी तरह होता है नतिजनत शरीर में ब्‍लड़ के माध्‍यम से ऑक्‍सीजन भरपूर मात्रा में पहुचने लगती है।

साइनिसस की समस्या में फायदेमंद

यदि किसी भी व्‍यक्ति को साइनिसस की समस्‍या है तो उसे प्राणायाम का अभ्यास जरूर करना चाहिए। इससे व्यक्ति को साइनिसस से लड़ने की शक्ति मिलती है। इस बीमारी का इलाज करने के लिए भास्‍त्रिका नामक प्राणायाम योग सबसे अच्‍छा होता है। इसे घर पर भी आसानी से किया जा सकता है।

प्राणायाम के अन्य फायदे इन्हे भी जाने

प्राणायाम करने से दिमाग तेज होता है।

प्राणायाम करने से शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली में सुधार आता है।

यह उन लोगों के लिए सबसे लाभदायक होता है जिन्‍हे अस्‍थमा या सांस सम्‍बंधी समस्‍या होती है।

जिनकी नाक बहती रहती है, ऐसे ग्रसित लोगों को प्राणायाम अवश्‍य करना चाहिए, इससे उनकी नाक के रास्‍ते साफ रहते है।

इससे पाचन सम्‍बंधी कई प्रकार की समस्‍याएं भी ठीक होती है| पेट में गड़बड़ी होने पर भी प्राणायाम से लाभ मिलता है।

रोजाना प्राणायाम करने से डिप्रेशन और तनाव में आराम पहुँचता है। आप पढ़ाई करने के बाद हुई थकान को भी प्राणायाम से दूर भगा सकते है।

इसका नियमित अभ्यास करने से चेहरे की झुर्रियाँ और आँखों के नीचे काले घेरे दूर होते है और चेहरे की चमक बढ़ती है।

प्राणायाम का अभ्यास करने से कफ, वात ,पित्त से जुड़े विकार दूर होते है और इस प्राणायाम को रोज़ाना करने से शरीर का कोलेस्ट्रॉल का स्तर भी कम होता है।

प्राणायाम के नियमित अभ्यास से हमारे शरीर का संपूर्ण विकास होता है। इससे फेफड़ों में अधिक मात्रा में शुद्ध हवा जाती है| जिससे शरीर स्वस्थ रहता है।

प्राणायाम में सावधानियाँ

अपने क्षमता से ज्यादा प्राणायाम करने का प्रयास नहीं करना चाहिए।

कान में दर्द या किसी तरह का संक्रमण होने पर भी प्राणायाम नहीं करना चाहिए।

प्राणायाम करने का समय और चक्र धीरे-धीरे बढ़ाना चाहिए, एकदम से इसे बहुत ज्यादा नहीं करना चाहिए।

गर्मियों में इन 8 प्राणायामों के नित्य प्रतिदिन अभ्यास करने से सभी प्रकार के रोगों से मिलेगी मुक्ति

1.अनुलोम विलोम प्राणायाम

2.कपालभाति प्राणायाम

3.शीतली प्राणायाम

4.शीतकारी प्राणायाम

5.चन्द्रभेदी प्राणायाम

6.उद्गीथ प्राणायाम

7.भ्रामरी प्राणायाम

8.बाह्य प्राणायाम (बाह्य कुंभक) 

Categories Sadhak Anshit, yoga, Yoga ArticleTags , ,

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s

%d bloggers like this:
search previous next tag category expand menu location phone mail time cart zoom edit close